ONDC ने 630 शहरों में छोटे विक्रेताओं और MSME के लिए ई-कॉमर्स को किया निस्पक्ष और सशक्त

देश के ई-कॉमर्स में संरचनात्मक बदलाव लाने में ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) ने अहम भूमिका निभाया है। भारत सरकार के अनुसार, ONDC ने अब तक देश के 630 से अधिक शहरों और कस्बों में छोटे विक्रेताओं, एमएसएमई (MSME), स्वयं सहायता समूहों (SHG), किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों के लिए ऑनलाइन बाजार तक के पहुंच को मजबूत किया है।

आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन बेचने का मौका मिलना हर छोटे दुकानदार और उद्यमी का सपना होता है। लेकिन अब तक बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सिर्फ बड़े ब्रांड्स और ज्यादा संसाधन वाले विक्रेताओं को ही फायदा मिलता रहा है। इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) की शुरुआत की। फिलहाल इस नेटवर्क से 1.16 लाख से ज्यादा खुदरा विक्रेता जुड़ चुके हैं।

ONDC क्या है और यह अलग कैसे है?

ONDC एक ऐसा खुला डिजिटल नेटवर्क है जो पारंपरिक है ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से बिल्कुल अलग तरीके से काम करता है। आम तौर पर बड़े ई-कॉमर्स ऐप्स पर विक्रेता उसी प्लेटफॉर्म तक सीमित रहते हैं। लेकिन ONDC में ऐसा नहीं है।

अगर कोई विक्रेता Ondc से जुड़ता है, तो उसका सामान कई अलग-अलग ऐप्स पर ग्राहकों को दिखाई दे सकता है। यानी विक्रेता को अब किसी एक कंपनी या ऐप पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे छोटे व्यापारियों को भी बड़े ब्रांड्स की तरह ऑनलाइन दिखने का मौका मिलता है।

पारदर्शिता से बढ़ता भरोसा

Ondc की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शिता है। यहां खरीदारों को दिखने वाले सर्च रिजल्ट कैसे तय होते हैं, यह बात भी साफ-साफ बताई जाती है। इससे विक्रेताओं को समझ आता है कि उनका उत्पाद कहां और क्यों दिख रहा है।

इसमें कोई छुपा हुआ एल्गोरिदम या भेदभाव नहीं होता। हर विक्रेता को बराबरी का मौका मिलता है, चाहे वह छोटा दुकानदार हो या बड़ा व्यापारी।

छोटे व्यापारियों और महिलाओं के लिए खास फायदा

सरकार ने साफ किया है कि ondc छोटे व्यापारियों, स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है। खासतौर पर वे लोग जो अब तक डिजिटल दुनिया से दूर थे, उनके लिए यह एक बड़ा मौका है।

MSME मंत्रालय की ट्रेड एनेबलमेंट एंड मार्केटिंग (TEAM) योजना के तहत व्यापारियों को ऑनलाइन बिक्री, डिजिटल जानकारी और ट्रेनिंग दी जा रही है। इस योजना में खास बात यह है कि 50 प्रतिशत लाभ महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों को देने का लक्ष्य रखा गया है।


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देशभर में तेजी से बढ़ता नेटवर्क

9 दिसंबर 2025 तक Ondc से जुड़े विक्रेताओं की संख्या 1.16 लाख के पार पहुंच चुकी है। यह नेटवर्क अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि 650 से अधिक शहरों और कस्बों तक भी पहुंच चुका है। जिससे महानगरों से आगे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी गहरी पहुंच को दर्शाता है।

इससे साफ है कि ओएनडीसी को देशभर में तेजी से अपनाया जा रहा है और छोटे व्यापारी भी अब ऑनलाइन कारोबार की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि शहर-वार विस्तृत डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन भागीदारी का पैमाना देशव्यापी अपनाने की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।

ग्राहकों को भी हो रहा है फायदा

Ondc का फायदा सिर्फ विक्रेताओं को ही नहीं, बल्कि ग्राहकों को भी मिल रहा है। एक ही सामान अलग-अलग ऐप्स पर देखने से ग्राहक कीमतों की तुलना आसानी से कर सकते हैं और बेहतर विकल्प चुन सकते हैं।

ज्यादा प्रतिस्पर्धा होने से कीमतों में पारदर्शिता आती है और उत्पाद विकल्पों का दायरा विस्तृत होता है, दाम सही रहते हैं और गुणवत्ता भी बेहतर होती है।

डिजिटल भारत की ओर एक मजबूत कदम

Ondc भारत में ई-कॉमर्स को निष्पक्ष और सबके लिए सुलभ बना रहा है। यह सिर्फ एक प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि देश के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के के रूप में उभर रहा है।

सरकार का लगातार समर्थन यह दिखाता है कि आने वाले समय में ondc छोटे व्यवसायों को मजबूत करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।


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