ONDC Pune Metro: डिजिटल टिकटिंग से आसान हुआ मेट्रो का सफर

भारत का ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) अब सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग का माध्यम ही नहीं रह गया है। यह देश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी बदल रहा है। पुणे मेट्रो ने ONDC के साथ मिलकर जो नई सुविधा शुरू की है, वह यात्रियों के लिए गेम चेंजर साबित हो रही है। इससे टिकट बुकिंग के लिए लंबी लाईन मे खड़ा नही होना पड़ेगा ।

मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

16 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे मेट्रो में ONDC आधारित डिजिटल टिकटिंग सिस्टम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री अजित पवार और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल भी मौजूद थे। अब यात्री अपने स्मार्टफोन से आसानी से मेट्रो टिकट बुक कर सकते हैं, और यह सुविधा ONDC से जुड़े सभी ऐप्स पर उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह बदलाव यात्रियों को टिकट काउंटर पर लंबी कतारों में खड़े होने से मुक्ति दिलाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस सिस्टम को देश के किसी भी सार्वजनिक परिवहन स्थान पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

टिकट बुकिंग अब कितनी आसान हो गई है

पहले मेट्रो यात्रियों को स्टेशन पहुंचकर टिकट काउंटर पर लाइन लगानी पड़ती थी। रश के समय में तो यह प्रक्रिया और भी थकाऊ हो जाती थी। अब ONDC के जरिए यात्री अपने बैंक कार्ड या किसी भी मोबाइल पेमेंट ऐप से टिकट बुक कर सकते हैं।

टिकट बुकिंग की प्रक्रिया बेहद सरल है। आपको बस किसी ONDC-सक्षम टिकटिंग ऐप को डाउनलोड करना है, पुणे मेट्रो को चुनना है और अपनी यात्रा के हिसाब से टिकट बुक करना है। भुगतान होते ही डिजिटल टिकट आपके मोबाइल पर आ जाता है, जिसे मेट्रो स्टेशन पर QR कोड स्कैन करके इस्तेमाल किया जा सकता है।

महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रवण हर्डिकर ने बताया कि पहले यह सुविधा सिर्फ HDFC बैंक के ग्राहकों के लिए थी। लेकिन अब NCMC कार्ड के साथ देश के किसी भी बैंक के ग्राहक इसका फायदा उठा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि Amazon, Flipkart, Paytm, PhonePe जैसे किसी भी ONDC ऐप से सीधे टिकट खरीदा जा सकता है, बिना बार-बार QR कोड स्कैन किए।

यात्रियों को क्या फायदा मिल रहा है

इस नई व्यवस्था से यात्रियों को कई तरह के फायदे हो रहे हैं। सबसे बड़ा फायदा समय की बचत है। अब आपको स्टेशन पर जल्दी पहुंचने की चिंता नहीं करनी होगी क्योंकि टिकट पहले से ही आपके फोन में होगा।

कैशलेस लेनदेन से पारदर्शिता बढ़ती है और छुट्टे पैसों का झंझट खत्म हो जाता है। यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा है क्योंकि कागज के टिकट की जरूरत नहीं पड़ती। जो लोग रोज मेट्रो से सफर करते हैं, उनके लिए यह सुविधा खासतौर पर काम की है।

ONDC अब सिर्फ शॉपिंग के लिए नहीं

ONDC की शुरुआत छोटे दुकानदारों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए हुई थी। लेकिन अब यह कई अन्य सेवाओं में भी अपनी जगह बना रहा है। पुणे मेट्रो में इसका इस्तेमाल दिखाता है कि ONDC सिर्फ सामान खरीदने-बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की तमाम डिजिटल सेवाओं को एक मंच पर लाने की ताकत रखता है।

पहले से ही ONDC पर खाने का ऑर्डर, किराने का सामान, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध हैं। अब परिवहन सेवाओं में इसका प्रवेश भारत के डिजिटल ढांचे को और मजबूत बना रहा है।

ओपन नेटवर्क की ताकत

ONDC की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी एक कंपनी का नहीं बल्कि एक स्वतंत्र खुला नेटवर्क है। कोई भी ऐप बनाने वाला या सेवा देने वाला ONDC से जुड़ सकता है। इससे यात्रियों को अपनी मर्जी का ऐप चुनने की आजादी मिलती है।

पुणे मेट्रो के मामले में यात्री किसी भी ONDC ऐप से टिकट बुक कर सकते हैं। यह प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलती हैं। किसी एक कंपनी का एकाधिकार नहीं रहता।

दूसरे शहरों के लिए मिसाल

पुणे की यह पहल दूसरे शहरों के लिए रास्ता दिखाती है। दिल्ली मेट्रो, मुंबई मेट्रो, बेंगलुरु मेट्रो और दूसरे शहरों की मेट्रो सेवाएं भी ONDC से जुड़कर अपने यात्रियों को यह सुविधा दे सकती हैं।

ऐसे एकीकरण से सिर्फ यात्रियों को ही नहीं बल्कि मेट्रो संचालन को भी फायदा होता है। डिजिटल टिकट बिक्री का रिकॉर्ड बेहतर प्रबंधन में मदद करता है और भविष्य की योजना बनाना आसान हो जाता है।

आगे क्या संभावनाएं है

ONDC की ग्रोथ देख कर लग रहा है, यह तो बस शुरुआत है। आने वाले समय में ONDC के जरिए बस सेवाएं, रेलवे टिकटिंग, पार्किंग और दूसरी परिवहन सेवाएं भी जुड़ सकती हैं। एक ऐसा मंच बन सकता है जहां से कोई भी व्यक्ति अलग-अलग तरह की सवारियों के टिकट एक ही जगह से बुक कर सके।

मान लीजिए आपको घर से मेट्रो स्टेशन तक ऑटो चाहिए, फिर मेट्रो की सवारी करनी है, और फिर वहां से दफ्तर तक बस से जाना है। भविष्य में यह सब एक ही ऐप से हो सकेगा। इससे शहरी यात्रा बहुत आसान हो जाएगी।

डिजिटल इंडिया का सपना साकार

पुणे मेट्रो और ONDC की यह साझेदारी दिखाती है कि भारत में डिजिटल परिवहन की क्रांति शुरू हो चुकी है। खुले डिजिटल नेटवर्क के जरिए सार्वजनिक सेवाओं को सुलभ, कुशल और आम लोगों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकता है।

जैसे-जैसे ज्यादा शहर और सेवाएं ONDC से जुड़ेंगी, देश एक सच्चे डिजिटल समाज की ओर बढ़ेगा। यह सिर्फ तकनीकी तरक्की नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी को आसान बनाने का एक ठोस प्रयास है।

ONDC का यह विस्तार बताता है कि डिजिटल इंडिया का सपना हकीकत बन रहा है। जल्द ही हर सेवा एक क्लिक की दूरी पर होगी और हर नागरिक को डिजिटल सुविधाओं तक बराबर पहुंच मिलेगी। पुणे मेट्रो में जो शुरुआत हुई है, वह पूरे देश के लिए एक उदाहरण है कि कैसे तकनीक को लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

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