ONDC क्या है? यह कैसे काम करता है?

ONDC (Open Network for Digital Commerce) भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों और व्यवसायों को डिजिटल और ऑनलाइन इकोसिस्टम से जोड़ना है। ONDC, UPI की तरह ही एक ओपन नेटवर्क प्लेटफॉर्म है, जिस पर कोई भी छोटा व्यापारी या बिज़नेसमैन अपनी लोकल दुकान को ऑनलाइन ला सकता है। इसके लिए उन्हें किसी एक बड़ी कंपनी जैसे Flipkart, Amazon या Meesho पर पूरी तरह निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होती।

ONDC के ज़रिए व्यापारी अलग-अलग ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज़ ग्राहकों तक पहुँचा सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म MSME, स्टार्टअप और लोकल दुकानदारों को डिजिटल कॉमर्स में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है, जिससे उनके बिज़नेस की पहुँच और संभावनाएँ बढ़ती हैं। आज के समय में ONDC को भारत के डिजिटल कॉमर्स का भविष्य माना जा रहा है, खासकर छोटे व्यापारियों के लिए।

यह लेख किसके लिए है?

  • छोटे व्यापारी और दुकानदार
  • MSME और स्टार्टअप फाउंडर
  • डिजिटल बिज़नेस शुरू करने वाले लोग

ONDC क्या है

ONDC एक ओपन डिजिटल नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन व्यापार को किसी एक कंपनी या ऐप तक सीमित न रखना है। अभी तक ऑनलाइन बिक्री ज़्यादातर कुछ बड़े प्लेटफॉर्म्स तक सिमटी हुई थी, जहाँ व्यापारियों को उन्हीं के नियमों, कमीशन और शर्तों पर काम करना पड़ता था। ONDC इस मॉडल को बदलने की कोशिश करता है।

सरल शब्दों में कहें तो, ONDC एक ऐसा सिस्टम है जहाँ खरीदार और विक्रेता अलग-अलग ऐप्स के ज़रिए आपस में जुड़ सकते हैं, बिना इस बात की चिंता किए कि वे एक ही प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। जैसे UPI में अलग-अलग बैंक और ऐप्स एक-दूसरे से पेमेंट कर सकते हैं, वैसे ही ONDC में अलग-अलग ई-कॉमर्स ऐप्स एक ही नेटवर्क पर काम करते हैं।

इसका मतलब यह है कि कोई भी छोटा व्यापारी, दुकानदार या व्यवसायी अपने प्रोडक्ट्स को ONDC से जुड़े किसी भी ऐप पर लिस्ट कर सकता है और ग्राहक किसी दूसरे ऐप से उन प्रोडक्ट्स को खरीद सकता है। इस पूरे प्रोसेस में ONDC केवल एक नेटवर्क और नियमों का ढांचा प्रदान करता है, न कि खुद कोई मार्केटप्लेस बनता है।

ONDC कैसे काम करता है?

ONDC एक प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि एक ओपन नेटवर्क सिस्टम है, जहाँ अलग-अलग प्रकार के ऐप्स और सर्विस प्रोवाइडर्स मिलकर काम करते हैं। इस सिस्टम को समझने के लिए ONDC के काम करने की प्रक्रिया को तीन मुख्य हिस्सों में बाँटा जा सकता है।

1. Seller App (विक्रेता ऐप)

Seller App वो ऐप होता है, जिस पर व्यापारी अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज़ को लिस्ट करता है। इसमें प्रोडक्ट की जानकारी, कीमत, स्टॉक और डिलीवरी से जुड़ी डिटेल्स शामिल होती हैं। कोई भी छोटा व्यापारी ONDC से जुड़े किसी भी Seller App का उपयोग करके अपनी दुकान को ऑनलाइन ला सकता है।

2. Buyer App (खरीदार ऐप)

Buyer App वो ऐप होता है, जिसके ज़रिए ग्राहक प्रोडक्ट्स को सर्च करता है और ऑर्डर करके ख़रीद सकता है। ग्राहक को यह जानने की ज़रूरत नहीं होती कि विक्रेता किस ऐप का इस्तेमाल कर रहा है। ONDC नेटवर्क सभी Seller Apps से डेटा लेकर ग्राहक को विकल्प दिखाता है।

3. ONDC नेटवर्क की भूमिका

ONDC इन दोनों ऐप्स के बीच एक कॉमन नेटवर्क और नियमों का ढांचा प्रदान करता है। यह नेटवर्क यह सुनिश्चित करता है कि:

  • सभी ऐप्स एक-दूसरे से कनेक्ट हो सकें
  • लेन-देन पारदर्शी और निष्पक्ष रहे
  • किसी एक कंपनी का नियंत्रण न हो

ONDC खुद कोई प्रोडक्ट नहीं बेचता और न ही ग्राहक से सीधे जुड़ता है। इसका काम केवल खरीदार और विक्रेता के बीच कनेक्शन बनाना है।

4. ऑर्डर और डिलीवरी प्रोसेस

जब ग्राहक किसी Buyer App से ऑर्डर करता है, तो:

  • ऑर्डर Seller App तक पहुँचता है
  • विक्रेता ऑर्डर कन्फर्म करता है
  • डिलीवरी किसी थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर के ज़रिए पूरी करता है

पूरी प्रक्रिया ONDC के नियमों के अनुसार होती है, जिससे छोटे व्यापारियों को बड़े प्लेटफॉर्म्स की तरह अवसर मिल सके।

उदाहरण के लिए : मान लीजिए एक लोकल किराना स्टोर Seller App (X) पर जुड़ा है और ग्राहक किसी दूसरे ONDC – सपोर्टेड ऐप (Y) से सामान सर्च करता है । भले ही दोनों अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हों, फिर भी ऑर्डर सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है। यही ONDC की सबसे बड़ी ताकत है।

छोटे व्यापारियों और MSME के लिए ONDC के फायदे

ONDC को खासतौर पर छोटे व्यापारियों, MSME और लोकल दुकानदारों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म उन्हें डिजिटल कॉमर्स में प्रवेश करने का अवसर प्रदान करता है, बिना किसी एक बड़ी कंपनी पर निर्भर हुए।

1. बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों पर निर्भरता कम होती है

अभी तक ऑनलाइन बिज़नेस के लिए किसी भी व्यापारियों को Flipkart, Amazon या Meesho जैसे प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ता था। उनके नियम और शर्तों का पालन करना पड़ता था । ONDC इस निर्भरता को कम करता है और व्यापारियों को खुद की पहचान और नियंत्रण देता है।

2. कम कमीशन और कम लागत

बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स अक्सर ज्यादा कमीशन लेते हैं, जिससे छोटे व्यापारियों का मुनाफा कम हो जाता है। व्यापारी ज्यादा लोगो तक अपना प्रोडक्ट पहुचानें के लिए अलग अलग ई-कॉमर्स प्लेटफार्म का उपयोग करते, जिससे उनका चार्ज भी अलग और ज्यादा हो जाता था । ONDC में यह लागत अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे व्यापारियों को बेहतर मार्जिन मिलता है।

3. ज़्यादा ग्राहकों तक पहुँच

ONDC नेटवर्क से जुड़े कई Buyer Apps के ज़रिए व्यापारी अपने प्रोडक्ट्स को एक साथ कई प्लेटफॉर्म्स पर दिखा सकते हैं। जिससे उसे अलग अलग ऐप पर प्रोडक्ट लिस्ट नही करना पड़ता। इससे उनकी पहुँच केवल एक ऐप तक सीमित नहीं रहती और ग्राहकों की संख्या बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।

4. डिजिटल होने में आसानी

ONDC छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल कॉमर्स को सरल बनाता है। उन्हें खुद की वेबसाइट या महँगा तकनीकी सेटअप बनाने की ज़रूरत नहीं होती। किसी भी ONDC सपोर्टेड Seller App के ज़रिए वे आसानी से अपने समान की ऑनलाइन बिक्री शुरू कर सकते हैं।

5. निष्पक्ष और पारदर्शी सिस्टम

ONDC एक ओपन नेटवर्क है, जहाँ किसी एक कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। सभी व्यापारियों को समान अवसर मिलते हैं और नियम भी पारदर्शी होते हैं। इससे छोटे व्यापारियों के साथ होने वाला भेदभाव भी कम हो जाता है। चुकीं ये सरकार के द्वारा बनाया है तो UPI की तरह ये भी पारदर्शी सिस्टम की तरह हो ।

ONDC की चुनौतियाँ और सीमाएँ

हालाँकि ONDC छोटे व्यापारियों और MSME के लिए कई अवसर लेकर आया है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियाँ और सीमाएँ भी जुड़ी हुई हैं, जिन्हें समझना ज़रूरी है।

1. शुरुआती समझ और तकनीकी जानकारी की कमी

ONDC एक नया कॉन्सेप्ट है, जिसे समझना कई छोटे व्यापारियों के लिए आसान नहीं है। Seller App, Buyer App, लॉजिस्टिक्स और पेमेंट सिस्टम जैसी चीज़ों को समझने में समय और सीखने की ज़रूरत होती है। छोटे शहर के व्यापारियों को  जानकारी की कमी के कारण समझने में कठिनाई होगी ।

2. सीमित ऐप्स और नेटवर्क का शुरुआती चरण

अभी ONDC नेटवर्क शुरुआती चरण में है। सभी कैटेगरी में पर्याप्त Buyer Apps और Seller Apps उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण कई व्यापारियों को तुरंत अपेक्षित बिक्री नहीं मिल पाएगी।

3. लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी से जुड़ी चुनौतियाँ

हर क्षेत्र में ONDC से जुड़े लॉजिस्टिक्स पार्टनर समान रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इससे कुछ इलाकों में डिलीवरी समय, लागत और सेवा की गुणवत्ता प्रभावित भी हो सकती है।

4. ब्रांड और भरोसे का मुद्दा

बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की तुलना में ONDC अभी एक ब्रांड के रूप में उतना लोकप्रिय नहीं है। कई ग्राहकों को इसके बारे में जानकारी नहीं है, जिससे शुरुआती समय में ऑर्डर कम हो सकते हैं। आज के ग्राहक को ब्रांड पे ज्यादा भरोसा है, और नया सेलर पे कम भरोसा है ।

5. सेलर सपोर्ट और मार्गदर्शन की आवश्यकता

छोटे व्यापारियों को ONDC पर सफल होने के लिए सही मार्गदर्शन, ट्रेनिंग और सपोर्ट की ज़रूरत होती है। अभी यह सपोर्ट हर जगह समान रूप से उपलब्ध नहीं है।

 

3 Comments

  1. […] ONDC एक ऐसा खुला डिजिटल नेटवर्क है जो पारंपरिक है ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से बिल्कुल अलग तरीके से काम करता है। आम तौर पर बड़े ई-कॉमर्स ऐप्स पर विक्रेता उसी प्लेटफॉर्म तक सीमित रहते हैं। लेकिन ONDC में ऐसा नहीं है। […]

Leave a Reply